द्वितीय भाव मे शुक्र होने पर जातक काफी कलात्मक परिवृति का होता है, वाह अपने आँखों से अपने कला की झलक देखकर, कोरे कागज पर उतारता है औऱ उसमे रंग भरता है, ऐसे जातक काफी साफ सफाई पसंद कैरट है, औऱ खान पिने मे भी साफ सफाई रखते है जिससे काफी लम्बी अवधि तक जीते है, ऐसे जातक निडर स्वाभाविक के होते है, औऱ अपने परिवार से मदद लेने मे हिचकिचते है, इन्हे अपनी तारीफ सुनना पसंद होता है, जिसके लिए ये तटपरता से काम करते है, इनकी महिला सहपाठी, या मित्र अधिक होते है तथा उन सबसे बिशेष लगाव भी रखते है |
द्वितीय भाव का शुक्र जातक को मनोरंजन पसंद करने वाला होता है |