छटे भाव मे शुक्र

इस भाव मे शुक्र होने पर शुभ और अशुभ दोनों तरह के फलो की प्राप्ति होती है, यह स्थिति होने पर जातक स्त्री के प्रति निष्ठुर होता है, आप अपने कुल मे श्रेष्ट सदस्यो मे एक हो सकते है, आपमें विवेकवान होने के गुण मौजूद होंगे, किन्तु इस भव मे शुक्र के कारण गुरुजन से भी आपका विरोध हो सकता है

आपको भाई बहन का उत्तम सुख मिलेगा, सुतरु आपका नुकसान भी कर सकते है, कुछ मामले मे आप शत्रु पर विजय प्राप्त करेंगे, अपकी संगति मे बुरे मित्र अधिक हो गे, जबकि अच्छे मित्र कम हो सकते है, आपके मामा को कन्या संतान अधिक होंगे, “!

हो सकता है आपकी प्रथम संतान पुत्र हो, आपको अच्छे पुत्र और पौत्रो का सुख प्राप्त होगा, स्त्रीसुख कम हो सकता है या फिर किसी, तरह की गुप्त समस्याओ हो सकती है,,, विवाह मे देरी का अनुभव करेंगे, !”

आपके खर्चे आपकी आमदनी से अधिक हो सकती है, “

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