द्वादश से जीवन मे कार्यछेत्र का उद्देश्य

हैल्लो  दोस्तों, आज  हम  जानेंगे  अपने  जीवन  मे  हम किस उद्देश्य  से  जन्म  लिया है, मतलब ये की हम अपने जीवन मे किस  छेत्र  से  नाम कमाएंगे,  या  फिर  पैसे  कमायेंगे !

क्या?  हम  अपने  जीवन  मे  नाम  कमा  पाएंगे  या  नहीं, और  अगर  नाम  कमा  लिया  तो  किस  बुलंदी  तक  जा  सकेंगे   !
क्या  हमारा  जीवन  सामान्य  होगा , या  दूसरे  लोगो  से बेहतर  होंगी  !

हम  किस  काम  से  अपना  भविष्य  को  और  बेहतर  कर  पाएंगे ? 
क्या  हम  अपने  परिवार  खानदान  का  नाम  रौशन  कर पाएंगे  या  फिर  ऐसे  ही  बेवजह  जीवन  काट  देंगे ?
इस  तरह  के  और  ना  जाने  कितने  सारे  प्रश्न  आपके  या  आपके  लिए  आपके  परिवार  वालो  के  दिमाग़  मे  अति  रहती  होंगी, आज  आपको  आपके  इन्ही  सभी  सवालों  के जवाब  इस  पोस्ट  मे  मिल  जायेंगे !!
तो  चलिये  सबसे  पहले  जानते  है  की ” दसवा  घर  किसका  होता है ” 
दसवा  घर  पराक्रम  का  होता  है,  मै  अपने  जीवन  मे क्या  बनूँगा  या  क्या  करूँगा  इसी भाव  से जानते  है ,  दसवे  घर का  कारक  होता  है  !  सूर्य,  बुद्ध ,  शनि  और  मंगल !

• सूर्य  और  मंगल  इस  घर  मे  द्विगबली  होते  है, यह  घर पिता  का  होता  है  तथा सूर्य  व पिता  कारक  ग्रह  है इसलिए  इश  जगह  सूर्य  बिराजमान  हो  तो  जातक  के लिए  बेहद  शुभ  होता  है  जिससे  जातक  को  सरकारी नौकरी  मिलने  की  संभावना  बेहद  बाद  होती  है !

• इस  घर  मे  यही  मंगल  विराजमान  हो  तब  jatak गणितीय विभाग, इलेक्ट्रिकल  विभाग, या इंजीनियरिंग  विभाग मे अपना नाम, सोहरत प्राप्त करता है !
• अगर  इस  घर  मे  चन्द्रमा  विराजमान  हो  तब  जातक  जल से  जुड़े  विभाग  मे  कार्यरत  होता  है  जैसे  जल सेना, पाया विभाग,  जल  आयोग  इत्यादि !

• यदि  इस  घर  मे  बुद्ध  विराजमान  हो  तो  जातक  बोलने  मे काफ़ी  माहिर  होता  है  तथा अधिक  रूपवान भी होता है जिसकारण  ऐसे  जातक  फिल्म  जगत,  काला  जगत,  सिंगर,  हीरो,  डिज़ाइनर  इत्यादि  बनते  है !
• अगर  इस  घर  मे  शुक्र  बिराजित  होता  है  तो  फिर  ऐसे जातक  फूलो  के  कारोबारी,  इत्र  का  ब्यापार, कॉस्मेटिक, वस्त्र  इत्यादि  के  कारोबार  मे  सफलता  पाते  है ! 
• ऐसा  देखा  गया  है  की  यदि  इस  जगह  सूर्य  के साथ  राहु  बैठ  जाता  है  तो  वाह  ब्यक्ति  अच्छे  राजनेता  बन जाते  है  ऐसा  ही  शनि  के  साथ  भी  होता  है  इस  घर  मे  राहु  के विराजमान  होने  पर  जातक  का  कार्य छेत्र  काफ़ी  तेजी  के साथ  आगे  बढ़ता  है !

• राहु  केतु  के  प्रभाव  से  दसवे  घर  मे  काफ़ी  बड़े  कार्यभार की  तरफ  जातक  को  अग्रसर  कर   देता  है, राहु  को  कलयुग  का  राजा  भी  कहा  जाता  है , जहा  राहु  पॉलिटिक्स  मे  सफलता  दिलवाता  है,  वहीँ  केतु  जातक  को  एक अच्छा  ज्योतिष , दयालु  ह्रदय  वाला, विदेशो  से पैसा  कमाने  वाला  तथा  इंटरनेट  की  सहायता  से  धनवान  बनता  है  !!

Note: लोगो के अंदर कार्य करने की छमता का प्रधान दसवा घर ही है, इस  घर  से  आप  अपने  पिता  की  हर  स्थिति  को  पढ़  सकते  है  अगर  ये  बली  है  तो  आपके  पिता  व स्वस्थ  होंगे, और  अगर  ये  घर  कमजोर  है  तो आपके  पिता का  स्वास्थ्य  भी कुछ  खास  अच्छा  नहीं  होगा, अपने कर्मछेत्र  को  सही  करने  के  लिए  आपको  अपने पिता  की सेवा  करनी  होंगी , जो काफ़ी हद तक आपके कार्य  मे आ रही  बधाओ  को  दूर  कार्य  देगा !! 

                            ” Thanks “

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